Monday, 25 January 2016

Dil Me Hindusthan Rehega


दिल में हिन्दुस्थान रहेगा




26 जनवरी, भारत और भारतियों के लिए एक उत्सव का दिन । 1950 में इसी दिन हमारा संविधान लागु हुआ था और हमारा प्यारा भारत देश पूर्ण रूप से एक लोकतान्त्रिक गणराज्य बन गया था ।

हमारे देशवासियों में एक विशेषता है देश भक्ति की । किसी अन्य मसलों पर भले ही बहसबाजी कर लें पर जहाँ बात देश और देश के स्वाभिमान  की आती है वहां हम सब भेदभाव भुलाकर एक हो जाते हैं । तभी तो कहते हैं ना "सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तां हमारा ।"

आज इसी पावन मौके पर अपने मन के भावों को शब्दों की माला में पिरोकर एक कविता के रूप में आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हुं । आशा है आपको अच्छी लगेगी ।

"मेरा वतन मेरी जान रहेगा
सारे जहाँ की शान रहेगा,
हम दुनिया में कहीं रहें पर
दिल में हिन्दुस्थान रहेगा,



छटा निराली न्यारी जिसकी
बोली प्यारी प्यारी जिसकी,
प्रेम प्यार से भरी हुयी है
हरी भरी हर क्यारी जिसकी,
जिसकी संस्कृति से सुशोभित
यह सारा जहान रहेगा,
दिल में हिन्दुस्थान रहेगा

पूरब सुभाष की जननी है
उत्तर में स्वर्ग है धरती का,
दक्षिण से सेतु बना कर के
श्री रामलला पहुंचे लंका,
मध्य में दिलवालों की दिल्ली
पश्चिम में राजस्थान रहेगा,
दिल में हिन्दुस्थान रहेगा

वीर शिवाजी की धरती वो
जिसके सागर चरण पखारे,
और हवा गुजरात की देखो
ईश्वर अल्ला नाम पुकारे,
भगत सिंह, आजाद, तिलक का
सदियों तक गुणगान रहेगा,
दिल में हिंदुस्थान रहेगा

प्रीत जहाँ की रीत सदा
देश प्रेम के गीत सदा,
बाधाएं आती रही मगर
हमने देखी है जीत सदा,
सर्दी गर्मी बारिश में भी
सरहद पर खड़ा जवान रहेगा,
दिल में हिन्दुस्थान रहेगा





आया पर्व गणतंत्र दिवस का
आओ सब मिल इसे मनायें,
तिरंगे को करें सलाम और
जन गण मन अधिनायक गायें,
प्रण लें अपने संविधान का
ह्रदय में सदा सम्मान रहेगा,
दिल में हिन्दुस्थान रहेगा

अपना स्वाभिमान रहेगा,
भारत पर अभिमान रहेगा,
सारे मिलजुल एक रहेंगे
नफरत का ना निशान रहेगा,
भारत माँ के जयकारों से
गूंजता आसमान रहेगा,

सारे जहां की शान रहेगा
दिल में हिंदुस्तान रहेगा ।

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भारत माता की जय के साथ गणतंत्र दिवस की आप सभी को बधाई ।

Click here to read सहनशीलता की हद by Sri Shiv Sharma


जय हिन्द

***शिव शर्मा की कलम से***



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