Friday, 12 August 2016

Shararat - शरारत

शरारत


अपनी आँखों को छुपालो वर्ना क़यामत हो जायेगी,
हमें दोष ना देना अगर मुहब्बत हो जायेगी,

कोशिश करेंगे तेरे चेहरे से अपनी नजरें हटाने की,
गुनाह तो होगा पर थोड़ी शरारत हो जायेगी,

जब से तुम्हें देखा है हम होश ही खो बैठे है
ख्वाबों में ही आ जाना, हमपे इनायत हो जायेगी,






दिल के जज्बात कतराते हैं लबों पर आने से,
पर तुमसे ना कहा तो ये तो बगावत हो जायेगी,



शरारत


तारीफ तेरे हुस्न की करते आएं है जमाने से,
तुमने हमें ठुकरा दिया, हम पर आफत हो जायेगी,

तुम अगर जो आ जाओ जीवन में, बहार आ जाये,
हमारी जिंदगी की भी सनम हिफाजत हो जायेगी,





दिल में छुपा रखुंगा सदा तुम्हारी मोहिनी सूरत
तुम्हारी प्रीत ही "आभास" की इबादत हो जायेगी ।।

Click here to read एहसास तेरा by Sri Pradeep Mane


प्रदीप माने "आभास" की रचना










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धन्यवाद
शिव शर्मा


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