Thursday, 9 June 2016

Uff Yeh Garmi


*ऊफ़्फ़ ये गर्मी*

ऊफ़्फ़ ये गर्मी......, गर्मी के मौसम में ये वाक्य हमें बहुतायत में सुनने को मिल जाता है । जिसे देखो बदहवास और पसीने से तरबतर नजर आता है ।

गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा समस्या तब हो जाती है जब हमें पंखे से हटकर किसी काम के लिए घर से बाहर जाना पड़े । और गर्मी का आलम तो ये होता है कि दिन चढ़ा नहीं और सूर्यदेव अपने पूर्ण जोशोखरोश से पुरे वातावरण को तपा  देने को लालायित हो उठते हैं ।

ऐसे मौसम में हर कोई चाहता है कि वो दिनभर पंखे की हवा या वातानुकूलित कमरे में बैठा ठंडी ठंडाई या शरबत का लुत्फ़ उठाता रहे, मगर छोटा हो या बड़ा, काम तो सबको करना ही पड़ता है । काम करना भी जरुरी होता है । पापी पेट का सवाल जो है, भूख तो सर्दी गर्मी कुछ देखती नहीं है, अपने समय पर लग ही जाती है ।

मौसम चाहे सर्दी हो या गर्मी, हर बार हमें यूं लगता है कि इस बार पिछली बार से ज्यादा सर्दी या गर्मी है । विशेषतया गर्मी के मौसम में ।

ये बताने की आवश्यकता नहीं है कि हर मौसम का मिजाज अलग अलग होता है । ऐसे में हम कुछ बातों का ध्यान रखें तो हर मौसम का लुत्फ़ भी उठा सकते हैं और इन दिनों होने वाली मौसमी बीमारियों से भी बच सकते हैं ।

जैसे सर्दियों में हम प्रयास करते हैं की शरीर को किसी भी तरह गर्म रखें, वैसे ही गर्मियों में हमें प्रयास करना चाहिए की शरीर को गर्मी से बचाये रखें, खासतौर पर सूर्य की सीधी किरणें शरीर पर ना पड़े इसकी कोशिश करें ।

गर्मी की वजह से हमारा शरीर त्वचा को ठंडा रखने के उद्देश्य से पसीना छोड़ता है । जितनी ज्यादा गर्मी होगी उतना ज्यादा पसीना आएगा, सो समय समय पर पानी जरूर पीते रहें । इससे शरीर में पानी की कमी भी ना होगी और लू तथा गर्मी से भी बचाव होगा । हां ठन्डे पानी के लालच में फ्रिज में रखा हुआ ज्यादा ठंडा पानी ना पियें तो अच्छा है । मटके का पानी ठंडा भी होता है और स्वादिष्ट भी । कोशिश करें कि फ़्रिज के पानी की बजाय मटके का या सादा पानी ही ज्यादा पियें ।


अगर आप बाहर से आएं हैं, पसीने पसीने हो रहें हैं, तो जाहिर सी बात है प्यास भी जबरदस्त लगी होगी । लेकिन थोडा धैर्य रखें । कुछ देर आराम से बैठें । पंखे की हवा खाएं और जब पसीना सुख जाए एवं आप कुछ राहत महसूस करने लगे, तब ही पानी पियें, वर्ना वो पानी स्वास्थ्य को बहुत नुकसान पहुंचा सकता है ।

बाहर से आते ही तुरंत नहाने भी ना घुसें । गर्म शरीर पर ठंडा पानी पड़ने से उसका उल्टा असर हो सकता है । आप सर्द गर्म की समस्या से पीड़ित हो सकते है और बाद में आपको बुखार भी अपनी गिरफ्त में ले सकती है ।

घर से निकलें तो छाता लेकर या सर और मुंह को ढकने की व्यवस्था करके निकलें, क्योंकि गर्मियों में हवा भी लू का रूप ले लेती है । साथ में पानी की बोतल जरूर रखें और गर्मी से परेशान होकर सड़कों किनारे मिलने वाले घटिया शीतल पेय पीने से बचें । शीतल पेय घर के ही विश्वसनीय होते हैं ।

ठंडी हवाओं के लालच में ए सी में ज्यादा देर तक बैठने का मोह ना करें, क्योंकि ये फौरी तौर पर आपको राहत जरूर दे देगा, लेकिन ये नुकसानदेह भी काफी है ।

अगले ब्लॉग में हम आपको बताएँगे की ज्यादा समय तक ए सी के संपर्क में रहने से क्या क्या नुकसान हो सकते हैं ।

आज बस इतना ही । अपना खयाल रखें । मस्त रहें, स्वस्थ रहें । हां वैसे इस बार लग तो रहा ही की तापमान पिछली बार से कुछ ज्यादा ही है ।

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जय हिन्द

***शिव शर्मा की कलम से***








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धन्यवाद


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4 comments:

  1. सही कहा सर। जमकर गर्मी पड रही है।

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