Friday, 4 December 2015

ग्राहक सेवा केंद्र - Customer Care Centre


ग्राहक सेवा केंद्र


पता नहीं क्यों, आज मेरे मोबाइल में इंटरनेट नहीं चल रहा था, सो मैंने मदद के लिए कस्टमर केयर (ग्राहक सेवा केंद्र) में फ़ोन लगाया । मैंने यहां रहते हुए आज पहली बार इस सेवा का लाभ उठाने की कोशिश की थी, और जो जो हुआ उसने मुझे भारतीय ग्राहक सेवा केंद्र की होने वाली बात याद दिला दी ।

हालांकि भारत में ये सेवा यहाँ (नाइजीरिया) से आजकल काफी बेहतर स्तिथि में पहुँच चुकी है, फिर भी है लगभग समान ।


ग्राहक सेवा केंद्र


ग्राहक सेवा केंद्र में फ़ोन करने के बाद जो कुछ मेरे साथ हुआ, तौबा... जो वार्तालाप हुआ वो हालांकि अंग्रेजी भाषा में हुआ था, लेकिन यहां मैं उसे हिंदी में ही बताऊंगा, और हिंदी ही नहीं, मैं आपको वो बताना चाहूंगा जो मुम्बई में मेरे साथ हुआ करता था । वैसे यहां लिखने की आवश्यकता नहीं है कि आपने भी कभी ना कभी ये सब "भुगता" ही होगा । चाहे मुम्बई हो, दिल्ली हो, कलकत्ता हो या अहमदाबाद, जयपुर । भारत अनेकता में एकता वाला देश है ।

खैर मैंने जैसे ही नंबर घुमाया उधर घंटी बज उठी । मैं अपने आपको अत्यंत सौभाग्यशाली समझ के गर्व से फुला नहीं समा रहा था तभी उधर से एक मधुर सी आवाज आई । जो एकदम वैसे ही व्यवहारसुलभ थी,  जैसे मुम्बई में किसी ग्राहक सेवा केंद्र को फ़ोन करने पर सुनने को मिलती थी । कई मनमौजी तो सिर्फ ये मीठी मधुर वाणी सुनने को ही फ़ोन लगाते रहते हैं ।

"कखग मोबाइल ग्राहक सेवा केंद्र में आपका स्वागत है........., वेलकम टू कखग कस्टमर केयर सर्विस........, कखग ग्राहक सेवा केंद्र मध्य आपला स्वागत आहे........ । हिंदी के लिए एक दबाएं, फॉर इंग्लिश प्रेस टु, मराठी करिता तीन दाबा ।"

फिर जब हिंदी के लिए एक दबा कर मैं ग्राहक सेवा प्रतिनिधि की प्रतीक्षा करते करते और उनके विज्ञापनों की धुन अपने मोबाइल पर सुनते सुनते अच्छी तरह पक जाता था, तो अक्सर फ़ोन काट दिया करता था ।

अब कोई आदमी कब तक ये ही लाइन सुनता रहेगा, "हमारे सभी ग्राहक सेवा प्रतिनिधि अभी दूसरे ग्राहकों की कॉल पर व्यस्त है, कृपया प्रतीक्षा करें, आपकी कॉल हमारे लिए महत्वपूर्ण है ।"


ग्राहक सेवा केंद्र


ट्रिंग ट्रिंग...... कोने कोने में जबरदस्त नेटवर्क..... देश की सबसे अग्रणी मोबाइल सेवा..... कखग मोबाइल.... एक कखग जो बदल दे मोबाइल आपकी मुट्ठी में..... ट्रिंग ट्रिंग...... ।

"हमारे सभी ग्राहक सेवा प्रतिनिधि अभी............." चलता ही रहता था ।

कभी गलती से कोई प्रतिनिधि लाइन पर आ भी जाता तो वो और कई तरह की चिंताएं थमा कर जाता था ।

"नमस्कार, कखग मोबाइल से मैं राहुल आपकी किस प्रकार सहायता कर सकता हुं।"

"हांजी राहुलजी, मेरा इंटरनेट आज सुबह से नहीं चल रहा है । मैंने अभी चार दिन पहले ही दो जीबी डेटा रिचार्ज भी किया था ।"

"जी सर, आप कुछ देर लाइन पर बने रहिये, मैं अभी देख के बताता हुं।"

उसकी वो "कुछ देर" चार छह मिनट में खतम होती, फिर वो प्रकट होता ।

"हां जी श्रीमान, प्रतीक्षा करने के लिए धन्यवाद, जैसा की मैं देख रहा हुं आपका डेटा बैलेंस तो पर्याप्त बता रहा है और इसकी अवधि भी अभी छब्बीस दिन शेष है ।  आप कृपया बताएंगे आप हैंडसेट कौनसा प्रयोग कर रहे हैं ?"

"जी राहुलजी, मेरे पास टोकीया का टच स्क्रीन वाला एंड्राइड फ़ोन है ।"

"धन्यवाद सर, जैसा की मैं देख रहा हुं हमारी तरफ से किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है, आप कृपया अपने मोबाइल की जांच करें, क्या पता इसमें कोई वायरस आ गया हो । हो सके तो आप एक बार इसकी सेटिंग्स बदल कर देखें, आपकी इंटरनेट सेवा अवश्य ही पुनः प्रारम्भ हो जायेगी । कखग मोबाइल में कॉल करने के लिए आपका धन्यवाद । आपका दिन शुभ हो ।"


ग्राहक सेवा केंद्र


और वो फिर ऐसे लाइन काट देता जैसे अगर कुछ देर और लाइन पर बना रहा तो मैं ख़ौलता हुआ तेल उस पर डाल दुंगा ।




बाद में मैं मोबाइल की सभी सेटिंग्स दुबारा सेट किया करता था लेकिन इंटरनेट तो फिर भी चालु नहीं हो पाता था । अंत में थक के मैं भी मोबाइल बंद करके सो जाता, लेकिन अगले दिन जैसे ही मोबाइल ऑन करता आश्चर्यजनक रूप से इंटरनेट चल रहा होता था ।

परंतु इस बीच मोबाइल में फैक्ट्री सेटिंग्स चुन लेने की वजह से मेरी बहुत सी इंस्टॉल की हुयी एप्लीकेसंस दम तोड़ चुकी होती थी । जो वापस इंस्टॉल होने के लिए मुझसे 200-400 एम बी डेटा की शहादत मांगती । और मुझे भी वह कुर्बानी देनी ही पड़ती ।

दोस्तों जैसा की नजर आ रहा है, आज का युग मोबाइल, कम्प्यूटर और इंटरनेट का युग है । इस समय में इनके बिना आदमी अपने आपको अधूरा सा महसूस करता है । जो सुविधाओं के साथ साथ नाना प्रकार की परेशानियां भी देते हैं ।


ग्राहक सेवा केंद्र


अनेकों विभिन्न प्रकार की समस्याओं के अलावा उपरोक्त समस्या भी अक्सर उत्पन्न होती ही रहती है, जिससे प्रायः आप सभी रूबरू हुए ही होंगे ।

इसी की दूसरी कड़ी लेकर कल आपसे फिर मिलूंगा । आज बात इतना ही ।

Click here to read "मौत का भय" by Sri Shiv Sharma

जय हिन्द

...शिव शर्मा की कलम से...







आपको मेरी ये रचना कैसी लगी दोस्तों । मैं आपको भी आमंत्रित करता हुं कि अगर आपके पास भी कोई आपकी अपनी स्वरचित कहानी, कविता, ग़ज़ल या निजी अनुभवों पर आधारित रचनायें हो तो हमें भेजें । हम उसे हमारे इस पेज पर सहर्ष प्रकाशित करेंगे ।.  Email : onlineprds@gmail.com

धन्यवाद
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